आपको और ज़्यादा Followers की ज़रूरत नहीं है, आपको सबसे ज़्यादा ज़रूरत भरोसे की है

आपको और ज़्यादा Followers की ज़रूरत नहीं है, आपको सबसे ज़्यादा ज़रूरत भरोसे की है

You Don’t Need More Followers. You Need More Trust।

बहुत से फ़ोटोग्राफ़र दस हज़ार फ़ॉलोअर्स तक पहुँचने का सपना देखते हैं।

कुछ लोग पचास हज़ार का लक्ष्य रखते हैं।

दूसरे मानते हैं कि जब उनकी कोई पोस्ट वायरल होगी, तभी वे सफल होंगे।

लेकिन यहाँ एक सवाल पूछने लायक है;

क्या आप ऐसे 1,00,000 फ़ॉलोअर्स चाहेंगे जो आपको कभी business न दे , या ऐसे 1,000 फ़ॉलोअर्स जो आप पर इतना भरोसा करें कि आपको काम पर रखें?

ज़्यादातर बिज़नेस के लिए, भरोसे की कीमत पहुँच (रीच) से कहीं ज़्यादा होती है।

ध्यान खींचने का मतलब बिज़नेस मिलना नहीं है

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म मज़ेदार कंटेंट को बढ़ावा देते हैं, परंतु क्लाइंट भरोसेमंद बिज़नेस को पसंद करते हैं।

ये दोनों अलग-अलग बातें हैं।

एक वायरल रील आपके काम को हज़ारों लोगों तक पहुँचा सकती है।

सोच-समझकर शेयर किया गया टेस्टिमोनियल, बिहाइंड-द-सीन कहानी या क्लाइंट का अनुभव किसी को आपको बुक करने के लिए मना सकता है।

भरोसा कैसे बनता है ?

भरोसा सिर्फ़ एक शानदार फ़ोटो से नहीं बनता।

यह बार-बार होने वाली अच्छी बातचीत से बनता है।

लोग इन बातों पर ध्यान देते हैं;

आप कितनी रेगुलरिटी से सामने आते हैं।

आप कैसे बातचीत करते हैं।

आप कैसे जानकारी देते हैं।

पुराने क्लाइंट आपके साथ काम करने के बारे में क्या बताते हैं।

आप अपने बिज़नेस को कितने प्रोफ़ेशनल तरीके से पेश करते हैं।

हर बातचीत या तो भरोसे को मज़बूत करती है या उसे कमज़ोर करती है।

सिर्फ़ तैयार फ़ोटो से ज़्यादा कुछ दिखाएँ, सिर्फ़ फ़ोटो दिखाने से business नहीं बनता,

खूबसूरत तस्वीरें ज़रूरी हैं।

लेकिन बस वहीं तक सीमित न रहें।

तो क्या शेयर करें ?

बिहाइंड-द-सीन के पल- आपने किस तरह से हर एक फ़ोटो को खिचने से पहले मेहनत की, क्या scenario तैयार किया,

क्लाइंट की सफलता की कहानियाँ- पुराने ग्राहकों ने केसे आपके काम को सराहा,

सेशन की तैयारी के लिए टिप्स- केसे photos के लिए तैयारियाँ की जाए ताकि एक बेहतरीन background बन पाए,

आपका क्रिएटिव प्रोसेस तथा आम सवालों के जवाब।

इससे संभावित क्लाइंट पूछताछ करने से पहले ही आपके साथ काम करने के बारे में सोच पाते हैं।

रिश्ते एल्गोरिदम से ज़्यादा समय तक टिकते हैं जबकि एल्गोरिदम लगातार बदलते रहते हैं परंतु भरोसा नहीं बदलता।

एक ईमेल सब्सक्राइबर, एक खुश क्लाइंट, एक पर्सनल रिकमेंडेशन, ये ऐसी चीज़ें हैं जो आपकी अपनी हैं।

सोशल मीडिया की पहुँच ऐसी चीज़ है जो आप उधार लेते हैं।

अपना बिज़नेस रिश्तों पर बनाएँ, न कि प्लेटफ़ॉर्म के ट्रेंड्स पर।

आखिरी में यही कहूँगा कि, 

फ़ॉलोअर्स आपकी विज़िबिलिटी बढ़ा सकते हैं परंतु भरोसा आपकी काम की बुकिंग बढ़ाता है।

जो फ़ोटोग्राफ़र टिकाऊ बिज़नेस बनाते हैं, वे इंटरनेट पर मशहूर होने के बजाय उन लोगों के लिए सच में काम के बनने पर ज़्यादा ध्यान देते हैं जिनकी वे सेवा करते हैं।

जब भरोसा आपकी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी बन जाता है, तो वफ़ादार क्लाइंट आपकी तरक्की का सबसे बड़ा ज़रिया बन जाते हैं।

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