फ़ोटोग्राफ़ी क्लाइंट्स को आकर्षित और बुक करना ।
क्या आप पैसे देने वाले फ़ोटोग्राफ़ी क्लाइंट्स को आकर्षित और बुक नहीं कर पा रहे हैं?
“मैं लगातार ऐसे फ़ोटोग्राफ़ी क्लाइंट्स को आकर्षित और बुक नहीं कर पा रहा/रही हूँ जो पैसे देते हैं”।
इस समस्या को आप कई तरह से हल करने की कोशिश कर सकते हैं। अलग-अलग लोग, अलग-अलग स्टेज पर होते हैं; कुछ को लगता है कि उन्हें मार्केटिंग की कोई समस्या नहीं है, कुछ को पता है कि समस्या है लेकिन वे बदलाव नहीं करना चाहते, और कुछ लोग सक्रिय रूप से समाधान ढूंढ रहे हैं।
पर असल में आप की असली समस्या आप की फ़ोटोग्राफ़ी नहीं है।
ज़्यादा क्लाइंट पाने के लिए बेहतर फ़ोटो ही हमेशा सही जवाब क्यों नहीं,
अगर आपने कभी सोचा है , या अभी भी सोचते है कि
“शायद मुझे एक बेहतर कैमरे की ज़रूरत है।” “शायद मुझे एडवांस्ड लाइटिंग सीखनी चाहिए।”
“शायद मुझे एक और एडिटिंग कोर्स करने की ज़रूरत है।”
तो आप अकेले नहीं हैं।
हज़ारों फ़ोटोग्राफ़र हर साल गियर, प्रीसेट, वर्कशॉप और ऑनलाइन क्लास पर हज़ारों रुपए खर्च करते हैं। फिर भी, कई लोगों को काफ़ी क्लाइंट नहीं मिल पाते।
कड़वा सच यह है, कि ज़्यादातर फ़ोटोग्राफ़रों को फ़ोटोग्राफ़ी की समस्या नहीं होती। उन्हें मार्केटिंग की समस्या होती है। वो अपने ग्राहकों को समझ नहीं पाते, कोनसे उनके ग्राहक ( Clients ) है जो उन्हें बिज़्नेस दे सकते है,
बेहतरीन फ़ोटोग्राफ़ी से अपने आप बेहतरीन बिज़नेस नहीं बनता
सोचिए कि आप दो कॉफ़ी शॉप खोलते हैं।
एक में बहुत बढ़िया खाना और कॉफ़ी मिलती है, लेकिन कोई साइनबोर्ड नहीं है, कोई ऑनलाइन मौजूदगी नहीं है और कोई कस्टमर रिव्यू नहीं है।
दूसरे में अच्छा खाना मिलता है, अच्छी कॉफ़ी भी मिलती है पर इसके साथ साथ एक प्रोफेशनल वेबसाइट है, सैकड़ों रिव्यू हैं और बुकिंग करना बहुत आसान है।
कौन सा पहले भरेगा ? कहाँ लोग ज़्यादा जाएँगे ?
फ़ोटोग्राफ़ी भी इसी तरह काम करती है।
आपकी तस्वीरें मायने रखती हैं, लेकिन वे खरीदने के फ़ैसले का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं।
क्लाइंट ( ग्राहक) ये चीज़ें भी देखते हैं-
१, क्या वे आप पर भरोसा कर सकते हैं?
२, क्या आप उनकी ज़रूरत के काम में माहिर हैं?
३, क्या बुकिंग आसान है?
४, क्या आपकी कीमतें स्पष्ट हैं?
५, क्या आप प्रोफेशनल तरीके से बातचीत करते हैं?
वह गलतफ़हमी जो फ़ोटोग्राफ़रों को आगे बढ़ने से रोकती है
कई फ़ोटोग्राफ़र ऐसा मानते हैं, कि “अगर मेरा काम बेहतर होगा, तो क्लाइंट खुद आएंगे।”
दुर्भाग्य से, बिज़नेस अक्सर ऐसे काम नहीं करता।
क्लाइंट आपके पोर्टफ़ोलियो की हर तकनीकी डिटेल की तुलना नहीं करते।
वे भरोसा खरीदते हैं, वे अनुभव खरीदते हैं।
वे निश्चितता खरीदते हैं।
इसलिए उन चीज़ों पर ध्यान दें जिनसे असल में बुकिंग मिलती है
एडिटिंग ट्यूटोरियल देखने में एक और वीकेंड ( सप्ताह) बिताने के बजाय, खुद से पूछें;
१, क्या मेरी वेबसाइट विज़िटर को क्लाइंट में बदल रही है?
२, क्या मेरे पास टेस्टिमोनियल (ग्राहकों की राय) हैं?
३, क्या लोग आसानी से मुझसे संपर्क कर सकते हैं?
४, क्या मैं ऐसा कंटेंट पोस्ट करता हूँ जिससे भरोसा बने?
५, क्या मैं लगातार अपनी सर्विस की मार्केटिंग कर रहा हूँ?
एक और लेंस खरीदने की तुलना में बुकिंग पर इन सवालों का असर कहीं ज़्यादा होता है।
आख़िर में यही कहना चाहूँगा कि, फ़ोटोग्राफ़ी आपकी कला है।कला में निपुण होना अच्छा है, परंतु मार्केटिंग वह तरीका है जिससे लोग आपकी कला के बारे में जानते हैं।
जो फ़ोटोग्राफ़र सबसे तेज़ी से आगे बढ़ते हैं, वे हमेशा सबसे ज़्यादा टैलेंटेड नहीं होते।
वे वे लोग होते हैं जो क्लाइंट के लिए उन्हें ढूँढना, उन पर भरोसा करना और उन्हें बुक करना आसान बनाते हैं।
याद रखे, आपका कैमरा सुंदर तस्वीरें खिचता ( बनाता) है। परंतु आपका सही बिज़नेस सिस्टम लगातार कमाई देता है।
अगली पोस्ट में हम बात करेंगे, कि इंस्टाग्राम लाइक्स से गुज़ारा क्यों नहीं होता? इसलिए सिर्फ़ एंगेजमेंट के पीछे भागना बंद करें और बिज़नेस बनाना शुरू करें।
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(Stop Chasing Engagement and Start Building a Business)



