वो 5 संकेत आपके पोर्टफ़ोलियो के , जिनकी वजह से आप क्लाइंट्स ( ग्राहक) खो रहे हैं

वो 5 संकेत आपके पोर्टफ़ोलियो के , जिनकी वजह से आप क्लाइंट्स ( ग्राहक) खो रहे हैं

5 Signs Your Portfolio Is Costing You Clients,

 एक फ़ोटोग्राफ़र का पोर्टफ़ोलियो अक्सर उसका सबसे मज़बूत मार्केटिंग टूल माना जाता है। लेकिन एक सवाल है जो कई फ़ोटोग्राफ़र कभी नहीं पूछते;

क्या हो अगर आपका पोर्टफ़ोलियो ही वह वजह हो जिसकी वजह से क्लाइंट आपको बुक नहीं कर रहे हैं?

हो सकता है कि आपके पास शानदार तस्वीरें हों, बेहतरीन एडिटिंग स्किल्स हों और सालों का अनुभव हो। फिर भी, अगर आपका पोर्टफ़ोलियो गलत संदेश देता है, तो यह संभावित क्लाइंट्स को आपसे संपर्क करने से पहले ही दूर कर सकता है।

यहाँ पाँच संकेत दिए गए हैं जिनसे पता चलता है कि आपके पोर्टफ़ोलियो को सिर्फ़ सुंदर तस्वीरों से भी ज़्यादा कुछ चाहिए।

1.यह सब कुछ दिखाने की कोशिश करता है ।

कई फ़ोटोग्राफ़र शादियों, नवजात शिशुओं के सेशन, प्रोडक्ट फ़ोटोग्राफ़ी, वाइल्डलाइफ़, लैंडस्केप, फ़ैशन और स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी को एक ही जगह पर दिखाते हैं।

हालांकि इससे आपकी बहुमुखी प्रतिभा (versatility) का पता चलता है, लेकिन इससे उलझन भी पैदा होती है।

क्लाइंट्स ‘जनरलिस्ट’ (सब कुछ करने वाले) के बजाय ‘स्पेशलिस्ट’ (खास काम में माहिर) को पसंद करते हैं। शादी की योजना बना रहा जोड़ा यह जानना चाहता है कि आप शादियों के एक्सपर्ट हैं, न कि यह कि आप पक्षियों और इमारतों की भी तस्वीरें खींच सकते हैं।

आपके पोर्टफ़ोलियो को एक साधारण सवाल का जवाब देना चाहिए;

क्या यह फ़ोटोग्राफ़र मेरी ज़रूरत के हिसाब से एकदम सही है ?

अगर कुछ ही सेकंड में जवाब साफ़ नहीं मिलता है, तो आपने उनका ध्यान खो दिया है।

2. आप क्लाइंट-फ़ोकस्ड तस्वीरों के बजाय अपनी पसंदीदा तस्वीरें दिखा रहे हैं।

फ़ोटोग्राफ़र अक्सर तकनीकी रूप से एकदम सही तस्वीरों के दीवाने हो जाते हैं।

क्लाइंट्स (ग्राहक) हमेशा फ़ोटोग्राफ़ी को उसी नज़रिए से नहीं देखते।

उन्हें भावनाओं, जुड़ाव, कहानी कहने के अंदाज़ और इस बात की परवाह होती है कि क्या वे आपके काम में खुद की कल्पना कर सकते हैं।

खुद से पूछें;

१, क्या यह तस्वीर क्लाइंट को अपने अनुभव की कल्पना करने में मदद करती है?

२, क्या इससे भरोसा बढ़ता है?

३, क्या यह उस तरह के काम को दिखाता है जिसे मैं बुक करना चाहता हूँ?

अगर नहीं, तो शायद इसे आपके पोर्टफ़ोलियो में नहीं होना चाहिए।

3. आप का सबसे अच्छा काम छिपा हुआ है

लोग शायद ही कभी दर्जनों तस्वीरें स्क्रॉल करके देखते हैं।

ज़्यादातर विज़िटर पहले मिनट में ही तय कर लेते हैं कि वे आगे ब्राउज़ करेंगे या नहीं।

अपनी सबसे अच्छी तस्वीरें सबसे पहले रखें।

ऐसी तस्वीरों से शुरुआत करें जो तुरंत क्वालिटी, स्टाइल और प्रोफ़ेशनलिज़्म को दिखाती हों।

अपने पोर्टफ़ोलियो को पूरी फ़िल्म के बजाय फ़िल्म के ट्रेलर की तरह समझें।

4. आपका पोर्टफ़ोलियो कोई कहानी नहीं कहता

सिर्फ़ सुंदर तस्वीरों का कलेक्शन काफ़ी नहीं है।

संभावित क्लाइंट्स यह भी समझना चाहते हैं:

१, मौका क्या था?

२, आपने किस चुनौती को हल किया?

३, क्लाइंट को कैसा महसूस हुआ?

४, किस चीज़ ने इस सेशन को यादगार बनाया ?

छोटी-छोटी जानकारी या विवरण जोड़ने से भावनात्मक जुड़ाव बनता है और भरोसा बढ़ता है। 

5. इसे महीनों से अपडेट नहीं किया गया है

फ़ोटोग्राफ़ी में बदलाव आते रहते हैं।

आपका स्टाइल भी बदलता रहता है।

पुराना पोर्टफ़ोलियो दिखाता है कि आपका बिज़नेस एक्टिव नहीं है।

हर कुछ महीनों में अपने पोर्टफ़ोलियो को रिव्यू करें।

औसत दर्जे की तस्वीरों को हटा दें।

उनकी जगह बेहतर काम की तस्वीरें लगाएं।

याद रखें, आपका पोर्टफ़ोलियो कोई archive (पुराने रिकॉर्ड का संग्रह) नहीं है। यह एक सेल्स टूल है।

आखिर में यही कहूँगा कि,

आपका पोर्टफ़ोलियो सिर्फ़ दूसरे फ़ोटोग्राफ़र्स को प्रभावित करने के लिए नहीं होना चाहिए।

इसका असली मकसद अपने आइडियल क्लाइंट को यह यकीन दिलाना है कि आप ही सही पसंद हैं।

क्वालिटी मायने रखती है।

क्लैरिटी ( पारदर्शिता)  और भी ज़्यादा मायने रखती है।

जब आपका पोर्टफ़ोलियो साफ़ तौर पर यह बताता है कि आप किन लोगों के लिए काम करते हैं, आप किस काम में सबसे अच्छे हैं, और क्लाइंट्स को आप पर क्यों भरोसा करना चाहिए, तो बुकिंग मिलना बहुत आसान हो जाता है।

अगले topics में हम बात करंगे कि The Hidden Cost of Competing on Price (कीमत के आधार पर मुकाबला करने की छिपी हुई लागत )

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